माउंटेन मैन दशरथ मांझी ने जिस तरह हथौड़ा-छेनी की चोट और अपने अथक प्रयास से पहाड़ काटकर सड़क बनाई थी, उसी तरह जिले में भी एक कारीगर ने एक टीले को खुरपी और फावड़े से काटकर दो मंजिला इमारत तैयार कर दी है। विचित्र कामों का शौक रखने वाले इस कारीगर ने इस इमारत को तैयार करने के लिए पिछले 12 वर्षों से अपना घर त्याग रखा है। किलानुमा इमारत में 11 कमरे, गैलरी, कई सीढ़ियां और एक इबादतगाह है। यह कारनामा किया है शाहबाद कस्बे के मोहल्ला खेड़ा बीबीजई के रहने वाले इरफान उर्फ पप्पू बाबा ने।