घोसी उपचुनाव से मिली जीत में ही सपा को मिशन 2024 के लिए जीत का फार्मूला भी मिल गया है। यह कितना कारगर होगा यह आगे पता चलेगा, पर हालिया जीत से पार्टी आत्मविश्वास में दिखती है और उसे यकीन है कि पिछड़ा दलित व अल्पसंख्यक (पीडीए) संग सवर्णों को भी साधा जा सकता है। भले ही पार्टी में ही विवादित मुद्दों पर असहज करने वाले स्वर उभरते हों। माना जा रहा है कि पूरब ही नहीं पश्चिम में भी सपा अपने 'इंडिया' गठबंधन के जरिए आजमाएगी।